सड़क से सियासत के शिखर तक गूंजी गणेश की साइकिल: डॉ. रमन सिंह ने फोन कर कहा- 'अद्भुत है आपका संकल्प' - thekhabarwala

सड़क से सियासत के शिखर तक गूंजी गणेश की साइकिल: डॉ. रमन सिंह ने फोन कर कहा- 'अद्भुत है आपका संकल्प'


साइकिल पर देश नापने निकले गरियाबंद के गणेश: अद्भुत जज्बे के मुरीद हुए डॉ. रमन सिंह, फोन कर कहा- 'आपके संकल्प को मेरा नमन'

विशेष प्रतिनिधि, रायपुर/गरियाबंद
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के एक छोटे से गांव बोरसी के रहने वाले गणेश निषाद इन दिनों अपनी साइकिल पर सवार होकर पूरे देश की सीमाओं को नापने निकले हैं। उनके इस असाधारण साहस, कड़े इम्तिहान और अद्भुत राष्ट्रभ्रमण की गूंज अब प्रदेश के सत्ता के सर्वोच्च गलियारों तक जा पहुंची है। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं भूतपूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने स्वयं गणेश निषाद को फोन लगाया और उनसे लंबी बातचीत कर अपनी अत्यंत प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया।
अद्भुत जज्बे और अटूट संकल्प को किया नमन
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर गणेश निषाद की यात्रा की जानकारी मिलने के बाद डॉ. रमन सिंह ने उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। बातचीत के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने गणेश के हौसले की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एक साधारण से गांव से निकलकर, सीमित संसाधनों के बीच साइकिल से पूरे भारत की यात्रा का संकल्प लेना किसी चमत्कार से कम नहीं है। डॉ. रमन सिंह ने भावुक होते हुए कहा, "हिमालय की दुर्गम ऊंचाइयों से लेकर प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या तक और अब पूरे भारत भ्रमण की पवित्र यात्रा पर अग्रसर गणेश जी के इस अद्भुत जज्बे और संकल्प को मैं नमन करता हूँ।"

सिर्फ यात्रा नहीं, छत्तीसगढ़ के गौरव का प्रतीक
डॉ. रमन सिंह ने गणेश निषाद से उनकी यात्रा के अनुभवों, मार्ग में आने वाली चुनौतियों और उनके स्वास्थ्य की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि गणेश केवल एक यात्रा पर नहीं हैं, बल्कि वे पूरे देश में छत्तीसगढ़ की माटी की दृढ़ता, साहस और संस्कृति का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ का एक युवा जब इस तरह के कठिन रास्तों पर देश को एक सूत्र में पिरोने की सोच के साथ आगे बढ़ता है, तो पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने जनता से की भावुक अपील
समाचार लिखे जाने तक गणेश निषाद अपनी यात्रा के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं। इस बातचीत के बाद डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश और देश के आम नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से एक विशेष अपील भी जारी की है। उन्होंने कहा, "मैं आप सभी साथियों से आग्रह करता हूँ कि डिजिटल माध्यमों पर गणेश निषाद जी को फॉलो करें, उनकी यात्रा पर नजर रखें और जहाँ भी संभव हो, उनकी इस ऐतिहासिक और साहसिक यात्रा के साक्षी बनकर उनका भरपूर सहयोग और उत्साहवर्धन करें।

 हिमालय की ठंड से अयोध्या की भक्ति तक का सफर
गणेश निषाद की यह यात्रा साधारण नहीं है। वे इससे पहले देश के सबसे ऊंचे और दुर्गम रास्तों यानी हिमालय की चढ़ाई अपनी साइकिल से पूरी कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या तक का लंबा सफर तय किया। अब उनका अगला और सबसे बड़ा लक्ष्य अपनी दो पहियों की साइकिल के भरोसे पूरे अखंड भारत का भ्रमण करना है, जिसे पूरा करने के लिए वे लगातार आगे बढ़ रहे हैं।


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