मौत का सैलाब: सहसपुर से बहकर फिंगेश्वर के खुटेरी पहुंचा 55 वर्षीय थनवार राम का शव, भारी बारिश के बीच उफनती नदी ने ली ग्रामीण की जान, 5 किलोमीटर दूर तक बह गया शरीर, शराब के नशे में उफनती सरगी नदी पार कर रहा था अधेड़, ग्रामीणों ने बार-बार किया मना, प्रशासन के सुरक्षा व्यवस्था पर उठता सवाल
Wednesday, July 29, 2026
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आज सुबह 7 बजे सहसपुर में हुआ हादसा, ग्रामीणों ने बनाया एक्सक्लूसिव वीडियो; इस साल कई मौतों के बाद भी प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था शून्य
फिंगेश्वर/पांडुका। इलाके में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और उफनते नदी-नाले अब लोगों के लिए काल साबित होने लगे हैं। पांडुका थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सहसपुर में आज सुबह करीब 7 बजे सरगी नदी में एक दर्दनाक हादसा सामने आया। नदी के तेज बहाव की चपेट में आने से सहसपुर निवासी थनवार राम यादव (55 वर्ष) की पानी में बहने से मौत हो गई। घटना के बाद उनका शव करीब 5 किलोमीटर दूर फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के खुटेरी गांव के पास नदी से बरामद किया गया है।
ग्रामीण मना करते रहे, नशे में धुत्त थनवार नदी में उतरा
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, थनवार राम यादव सुबह करीब 7 बजे शराब के नशे में धुत होकर सरगी नदी के पास पहुंचा और उफनती नदी को पार करने लगा। वहां मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने उसे नदी की भयावह स्थिति को देखते हुए बार-बार पानी में उतरने से मना किया और रोकने का प्रयास किया। लेकिन नशे में होने के कारण उसने किसी की बात नहीं मानी। पानी का वेग इतना तेज था कि वह बीच धार में संभल नहीं पाया और देखते ही देखते नदी के मुख्य सैलाब में बह गया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने इस पूरी घटना का अपने मोबाइल से एक्सक्लूसिव वीडियो भी बना लिया है।
5 किलोमीटर दूर फिंगेश्वर क्षेत्र में मिला शव
ग्रामीणों ने घटना की तत्काल सूचना पुलिस को दी। पांडुका और फिंगेश्वर थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सरगी नदी में संयुक्त सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद, सहसपुर से करीब 5 किलोमीटर दूर फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के खुटेरी गांव के पास थनवार राम का शव पानी में तैरता हुआ मिला। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मौत की नदी बनी 'सरगी', इस साल कई जानें गईं
- इस सीजन में मौत का यह पहला मामला नहीं: स्थानीय लोगों का आरोप है कि सरगी नदी और क्षेत्र के अन्य नदी-नालों में जान गंवाने की यह इस सीजन की पहली घटना नहीं है। इस साल बरसात शुरू होते ही लापरवाही, रपट पार करने या अचानक बाढ़ आने की वजह से अब तक कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
- प्रशासन की लापरवाही पर फूटा गुस्सा: ग्रामीणों का कहना है कि हर साल मानसून में सरगी नदी का यही डरावना रूप सामने आता है। इसके बावजूद, संवेदनशील घाटों या रपटों पर सुरक्षा के लिए कोई बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। प्रशासन केवल हर हादसे के बाद मर्ग कायम कर औपचारिकता पूरी कर लेता है, लेकिन धरातल पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं, जिसके कारण लगातार बेकसूर लोगों की जान जा रही है।
प्रशासन की अपील:
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे शराब के नशे में या सामान्य स्थिति में भी उफनती नदियों, पुराने रपटों या पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं और भारी बारिश के दौरान जल स्रोतों से दूरी बनाए रखें।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे शराब के नशे में या सामान्य स्थिति में भी उफनती नदियों, पुराने रपटों या पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं और भारी बारिश के दौरान जल स्रोतों से दूरी बनाए रखें।
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